Friday, March 13, 2026
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मिलिए पूर्व मिस इंटरनेशनल इंडिया से, जिन्होंने हार्वर्ड को ठुकराकर भारतीय सेना में शामिल होने का रास्ता चुना

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कशिश मेथवानी, पूर्व मिस इंटरनेशनल इंडिया, इंटरनेट पर छाई हुई हैं और वो भी सभी सही कारणों से।

उन्होंने लाखों युवा लड़कियों को अपने सपनों को पाने और कभी हार न मानने के लिए प्रेरित किया है। उनकी यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है।

कौन हैं कशिश मेथवानी?

पुणे की रहने वाली और पूर्व मिस इंटरनेशनल इंडिया, कशिश मेथवानी ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज़ (सीडीएस) परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 2 हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में प्रशिक्षण शुरू करने का रास्ता तैयार किया है।

वह एक महत्वाकांक्षी अधिकारी हैं जो जल्द ही भारतीय सेना में अपनी भूमिका निभाना शुरू करेंगी। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट अवार्ड उनके उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल और सेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

उन्होंने अपनी पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु के प्रतिष्ठित आईआईएससी (भारतीय विज्ञान संस्थान) से न्यूरोसाइंस में मास्टर ऑफ साइंस का शोध-कार्य किया है।

इसके अलावा, उन्हें हार्वर्ड में पीएचडी के लिए भी प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने भारतीय सेना को चुना।

यह सब कुछ नहीं है, उन्होंने खेलों में भी अपनी दक्षता दिखाई है। कशिश राष्ट्रीय स्तर की पिस्टल शूटर और कुशल बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं।

उनकी कलात्मक प्रतिभा उनके तबला वादन और भरतनाट्यम नृत्य कौशल में झलकती है।


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इंटरनेट क्या कह रहा है?

सोशल मीडिया यूजर्स कशिश मेथवानी की बहुमुखी प्रतिभाओं से प्रभावित हैं।

“सबसे पहले तो उनकी परवरिश को सलाम और प्यार,” एक यूजर ने इंस्टाग्राम पर लिखा। “शानदार। शुभकामनाएं। देश को कशिश जैसी कई और जरूरत है। आप प्रेरणा हैं,” दूसरे ने कहा।

गुवाहाटी टाइम्स को मिस इंटरनेशनल का खिताब जीतने के बाद दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “आगे चलकर, मैं हर संभव तरीके से अपने देश की सेवा करना चाहती हूं। मेरा लक्ष्य एक ऐसी जिंदगी जीना है, जो सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी मायने रखे, जिनके जीवन को मैं छुऊंगी। यही वो विरासत है जिसे मैं पीछे छोड़ना चाहती हूं। एक ऐसी जिंदगी जो दूसरों को ऊपर उठाने, छोटे बच्चों को प्रेरित करने और सबसे महत्वपूर्ण, इस दुनिया में बदलाव लाने के लिए समर्पित हो।”

कशिश मेथवानी ने अपने भविष्य को देश की सेवा के लिए समर्पित करने की कल्पना की थी और उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया। वह इस विचार को साकार करती हैं कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और आत्म-प्रेरणा किसी के लक्ष्यों को पाने के लिए आवश्यक गुण हैं।


Originally written in English by: Unusha Ahmad 

Translated in Hindi by Pragya Damani

Sources: The Times of India, SheThePeople, India Times

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Pragya Damani
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